

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
सुमेरपुर हमीरपुर । हाटशाखा में सोमवार को शुरू हुई गेहूं खरीद मंगलवार को शाम होते ही बारदाना के अभाव में ठप हो गई। हाट शाखा के नवीन गल्ला मंडी में दो केंद्र खोले गए हैं। दोनों में बारदाना का संकट खड़ा हो गया है। बारदाना आने के बाद ही आगे खरीद शुरू हो सकेगी। दोनों केद्रों में अभी तक दो सौ किसान गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण करा चुके हैं जबकि पूरे ब्लॉक में 2002 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें अभी और वृद्धि होने की संभावना है। मंगलवार को नवीन गल्ला मंडी में संचालित हाट शाखा के दोनों केंद्रो का निरीक्षण करने पर ज्ञात हुआ कि सोमवार से शुरू हुई खरीद मंगलवार को शाम होते ही बारदाना के अभाव में ठप हो गई। दोनों केंद्रो में बारदाने का अभाव हो गया है। केंद्रो के प्रभारी रणजीत सिंह, मोबिन खान ने बताया कि उनके पास बारदाना खत्म हो गया है। डिमांड लगी हुई है। बारदाना आने के बाद ही खरीद शुरू होगी। हाट शाखा प्रथम के प्रभारी रणजीत सिंह ने बताया कि दोनों केंद्रों में 200 किसान गेहूं बेचने के लिए आकर पंजीकरण करा गए हैं जबकि पूरे ब्लॉक में 2002 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करा रखा है। उन्होंने बताया कि सर्वाधिक गेहूं बेचने के लिए टेढा, नदेहरा, बिरखेरा, बांकी के किसानों ने अभी तक आकर पंजीकरण कराया है। अभी इनकी संख्या में 20 अप्रैल के बाद बढ़ोतरी की प्रबल संभावना है। बता दें कि खुले बाजार में गेहूं के दाम 2200 रुपये प्रति कुंतल है जबकि सरकारी केंद्रो में 2585 रुपए प्रति कुंतल है। इस वजह से किसान बाजार की बजाय सरकारी केंद्रो की ओर रुख कर रहा है।
इनसेट
कस्बे के किसानों का नहीं हो रहा पंजीकरण
सुमेरपुर हमीरपुर । कस्बे में चकबंदी प्रक्रिया अपूर्ण होने के कारण खतौनी ऑनलाइन नहीं होने से कस्बे के किसान गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं करा पा रहे हैं। कस्बे के किसान सोहन लाल यादव, धर्मराज निषाद, मोहन यादव, रामराज निषाद, सुरजन लाल, राकेश यादव आदि ने बताया कि खतौनी ऑनलाइन नहीं होने से उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है। लेखपाल भी समस्या का समाधान नहीं करा पा रहे हैं। इस वजह से वह गेहूं बेचने से वंचित हो रहे हैं।